Monday, March 7, 2016

महिला दिवस : रोहतक की लाडली के सर सजा मिस एशिया का ताज

भारतीय समाज पुरुष प्रधान है। महिलाओं को हमेशा अपने मन से कुछ भी करने की सख्त मनाही है। वो परिवार और समाज के लिए एक आश्रित से ज्यादा कुछ नहीं समझी जाती। उनका दायरा घर के रसोइये, आंगन और ज्यादा से ज्यादा घर के बाहरी द्वार पर बने चबूतरे तक सीमित होता है। माना जाता रहा है कि उन्हें हर कदम पर पुरुष के सहारे की जरूरत पड़ेगी ही... ये सब बातें होंगी किसी जमाने की। आज किसी भी क्षेत्र में नजर उठा कर देख लें, महिलाओं की मजबूत भागीदारी ही नहीं, उनकी अगुवाई ने साबित कर दिया है कि उन्हें वही सुविधाएं और स्वतंत्रता मिले जो एक बेटे को मिलता है तो ये लाडली भी सानिया मिर्जा, मिताली घोष, कल्पना चावला, साइना नेहवाल, एकता कपूर, चंदा कोचर, किरण बेदी, अदिति आर्या और सृष्टि राणा जैसी आइकॉन बन सकती हैं। रोहतक के प्रेमनगर के एक छोटे से घर की चारदिवारी से निकल मिस एशिया पेसेफीक तक में अपनी खूबसूरती और मॉडलिंग से पहचान बना चुकी सृष्टि राणा आज लड़कियों के लिए आईकॉन बन चुकी है। दक्षिण कोरिया में आयोजित मिस एशिया पेसिफीक वर्ल्ड 2013 में इंडिया को लीड कर चुकी 23 साल की सृष्टि 60 देशों से आए प्रतिनिधियों को पछाड़ मिश एशिया का ताज पहन चुकी है। बता दें कि बॉलीवुड में अपना स्थान बना चुकी दिया मिर्जा और जिन्नत अमन इस कांटेस्ट की विजेता रह चुकी हैं। इसके साथ सृष्टि कई नेशनल मॉडलिंग कांटेस्टों में जलवा बिखेर चुकी है। आज मॉडलिंग एक चमकता स्टेज बन चुका है जहां से युवा और युवतियां अपनी प्रतिभा और खूबसूरती के दम पर दुनिया वालों को रिझाने का मादा रखते हैं। विश्व महिला दिवस पर मुकेश महतो ने हिंदुस्तान के उभरते सुपर मॉडल की सफलता का राज औऱ मॉडलिंग क्षेत्र में आने वाली समस्याओं के बारे जानने की कोशिश की।

सवाल... हरियाणा खेती, खेल और ठाठ के लिए प्रसिद्ध है, आपके नाम से मॉडलिंग में भी हरियाणा का नाम जुड़ गया।

सृष्टि- खेती और खेलकूद में भारत में नंबर वन रहने के साथ खूबसूरती में भी हम हरियाणावीं किसी से कम नहीं हैं। कई बॉलीवुड के स्टार ने इस धरती पर जन्म लिया है। मेरे नाम से अगर किसी का नाम चमकता है तो इससे बड़ी खुशी की बात क्या हो सकती है।

सवाल... आप ऐसे राज्य से हैं जहां आज भी बेटियों की संख्या बेटों के मुकाबले हिंदुस्तान में सबसे कम है।

सृष्टि- हरियाणा में ये समस्या बहुत ज्यादा है, लेकिन तेजी से सुधार हो रहा है। लोगों की सोच में बदलाव आ रहा है। आज खेल में जितनी लड़कियां हरियाणा से मेडल जीतकर लाती हैं वो सबसे ज्यादा है।

...महिलाओं को घूंघट की आड़ से आजादी नहीं मली है और आपने दुनिया में मॉडलिंग का जलवा बिखेरा, घर से सपोर्ट था।

सृष्टि- घूंघट प्रथा का जो रिवाज है वो भी धीरे धीरे खत्म हो रहा है। थोड़ा समय लगेगा। मेरे घरवालों ने हमेशा मेरी मदद की। मेरे पिता रोहतक में वकील हैं। उन्होंने मुझे आगे बढ़ने में कोई कसर नहीं छोड़ा।

...स्कूल की क्लासेस से लेकर दक्षिण कोरिया के मिस एशिया तक पहुंची, कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ा

सृष्टि- कॉलेज स्कूल में भी भाग लेती रही हमेशा। कॉलेज में पढ़ने के दौरान ही मिस एशिया पेसेफीक के लिए चयन हो गया। उसके बाद कुछ महीनों के लिए मेरी पढ़ाई वहीं रुक गई। सबसे बड़ी समस्या यह थी कि इस फील्ड में मैं बिल्कुल नई थी। लेकिन मन में विश्वास था कि जीत कर रहूंगी।

...आज के युवा और युवतियां खुद को मॉडल समझती हैं। अक्सर देखने को मिल जाएगा एक छोटी बच्ची भी आज क्ले मॉडलिंग तो फैशन करती दिख जाती है। क्या संभावनाएं हैं

सृष्टि- मैं भी स्कूल, कॉलेज में थी तो ऐसे ही करती थी। हर किसी का सपना होता है मॉडल की तरह रहना और दिखना। खूबसूरती के दीवानों के लिए यह फील्ड बहुत ही रोचक है। आज हर लेवल पर कांटेस्ट होते हैं, वहां से आगे बढ़ते हुए आप जब चमक जाएं तो आपके लिए फिल्म और स्क्रिन के अवसर खुलने लगेंगे।

...दिल्ली, मुंबई के अलावे रोहतक जैसे छोटे शहरों में भी आजकल मॉडलिंग में हुनर दिखाने की चाहत रखने वाले युवा मेहनत कर रहे हैं, कोई संदेश

सृष्टि- अगर सपने बड़े हैं तो समस्याएं भी बड़ी होंगी, समस्याओं को पार कर जाना ही जीत है। मॉडलिंग में सिर्फ एक दो मौके मिलेंगे, गंवा दिए तो पछताने के अवाला कुछ नहीं बचता। मौकों को छोड़िए मत। फिटनेस और पर्सनैलिटी का बेहद अहम रोल है।

...एक बेटी की ओर से एक मां बाप को कुछ संदेश देना चाहेंगी, जो बेटियों को आज भी स्कूल नहीं जाने देने में ही भलाई समझते हैं।

सृष्टि- हम किस विकास की बात करते हैं, हमारा प्रदेश नंबर वन, नंबर टू बोलते हैं। जब बात घर की महिलाओं पर आती है तो सारे फैसले पुरुष ले लेते हैं। एक मौका तो दें उन्हें, फिर पता चलेगा आप सारे फैसले उन्हें ही लेने देंगे। लड़कियों को जितना ज्यादा हो सके पढ़ाएं, बहुत कुछ कर सकती हैं वो।

एक सपना है... मिस यूनिवर्स का ताज अपने सर सजाना है..
विश्व पटल पर सुंदरता का ताज पहनने वाली सृष्टि की स्कूली पढ़ाई फरीदाबाद के मॉडर्न विद्या निकेतन स्कूल और स्नातक जर्नलिजम कम्यूनिकेशन पर फरीदाबाद के ही मानव रचना इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से हुई। ऐश्वर्या राय, सुष्मिता सेन के रास्ते सीढ़ीयों पर चढ़ चुकी सृष्टि का सपना मिस यूनिवर्स का ताज अपने सर पर सजाना है। टॉप डिजायनर रीतू कुमार, फाल्गूनी, शेन पीकॉक, स्वपनिल शिन्दे, सौगत पाल आदि से अपनी मॉडलिंग की तारीफ सुन चुकी सृष्टि मॉडलिंग की दुनिया में छा जाने को बेताब है।

टॉप 25 आकर्षक युवतियों में चमका चेहरा
देश के प्रमुख अंग्रेजी अखबार (टाइम्स ऑफ इंडिया) के टॉप 25 आकर्षक युवतियों में अपना स्थान बना चुकी सृष्टि सुपर मॉडल एलेशिया से सम्मानित हो चुकी है। कई हस्तियों के साथ एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन ने हाल ही सृष्टि को लाइफटाइम सदस्यता से सम्मानित किया है। जीत के बाद हरियाणा में कदम रखते ही तत्कालीन सीएम भूपेंद्र सिंह हुडा ने सृष्टि को सम्मानित किया।

उपलब्धियां

1... मिस इंडिया, दिल्ली... विनर
2... मिस दिवा, दिल्ली... विनर
3...मिस यूनिवर्स इंडिया... विनर
4...फेमिना मिस इडिया, दिल्ली (सेकंड रनर अप)
5...मिस एशिया पेसिफीक... विनर (भारत से प्रतिनिधित्व)
6... बेस्ट नेशनल कॉस्ट्यूम

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