राइट आर्म, ओवर द विकेट... घिंसी, पिटी वही पुरानी गेंद लेकर कप्तान अमित शाह
बालिंग ट्रैक पर तैयार। उधर क्रिज पर अकेले मजबूती के साथ डटे पड़े हैं
खतरनाक बल्लेबाज अल्लाह। फील्डिंग में मैदान के चारों ओर चौकन्ने खड़े 33
करोड़ देवी देवता खिलाड़ी। काफी रोमांचक मुकाबला। बल्लेबाज तैयार, अमित शाह
ने बल्लेबाज की आंखों में आंख मिलाकर तिरछी नजर से कौंधियाते हुए कुछ
इशारा किया। तेज कदमों के साथ गेंद फेंकने के लिए दौड़े अमित शाह, बल्लेबाज
अल्लाह हांफते हुए लेकिन काफ़ी मुस्तैद। और ये क्या, 180 की स्पीड
से फेंकी गेंद सीधे विकेट से जा टकराई। चौंधिया गए बल्लेबाज अल्लाह, शायद
वे शाह की गति भांप नहीं पाए, उन्हें गेंद दिखी नहीं। 33 लाख फील्डरों में
जोश, उत्साह.. हर हर मोदी से गूंज रहा पूरा स्टेडियम। जबरदस्त
वापसी। औरररररररर ये क्या, अचानक सब खामोश, 33 लाख खिलाड़ियों का खुला मुंह
और सर पर रखा हाथ। अंपायर(प्रणव मुखर्जी) ने कंधे के बल हाथ उठाकर किया नो
बाॅल का इशारा। खामोशी देख ऐसा लग रहा दो दिन से भूखे के मुंह से रोटी का
निवाला छीन लिया गया हो। अंपायर के निर्णय से लाल हो गए हैं मनोहर लाल
खट्टर। और ये क्या बल्लेबाज को गरियाते हुए जोशीले मनोहर। उधर खिलाड़ी
संगीत सोम और साक्षी महाराज ने भी खोया आपा। बल्लेबाज को जबरदस्ती घर वापसी
पैवेलियन की ओर जाने का इशारा करते हुए साक्षी और सोम। कुछ देर के लिए रोक
दिया गया है मैच। अंपायर ने अमित टीम को सख्त चेतावनी दी। ठंडा पानी और
कुरकुरे, साथ में मेंटोस भी लेकर खिलाड़ियों से मिलने खुद कोच मोहन भागवत
मैदान में पहुंच गए हैं। अमित शाह ने मनोहर, साक्षी और सोम को बुलाकर कुछ
समझाया साथ में हर हर मोदी का नारा सुनाकर हौसला बढ़ाया। साथी कमेंटेटर से
पूछते हैं, सुमित चौहान, आपको क्या लगता है, अमित शाह ने तीनों को क्या समझाया होगा? देखिए मुकेश,
काफी गरमा गरम मैच चल रहा है, इन सभी खिलाड़ियों ने विराट कोहली से काफी
कुछ सीखा है। कप्तान अमित शाह ने समझाया होगा कि पगले खुले आम ऐसे नहीं
लड़ते। अंपायर खड़े हैं यहां। बड़ी मुश्किल से क्लीन चिट मिलता है। वैसे भी
थर्ड अंपायर(सुप्रीम कोर्ट) के फैसले हमारे खिलाफ ही आ रहे हैं। तो थोड़ा
धैर्य से और हां ये लो मेंटोस खाओ और दिमाग की बत्ती जलाओ। मुख्य अतिथि
वाले बाॅक्स में बैठे जूनियर कोच नरेंद्र मोदी सारा वाकया देखकर मंद-मंद
मुस्कुराते हुए। और ठीक उनके दो सीट के पीछे बैठे 1992 विश्वकप विजेता टीम
के कप्तान लालकृष्ण आडवाणी जी मोदी की मुस्कान देखकर कुछ बड़बड़ाते हुए।
मोदी ने पानी और बाबा रामदेव की मैगी के साथ एक कागज की पुड़िया भी योगी
आदित्यनाथ के हाथों अमित शाह तक पहुंचाया। शाह ने पानी पी, मैगी खाया और
पुड़िया खोला... लिखा है, छोटे चुनाव चल रहा है न अभी, इतनी तेज गेंद नहीं
फेंकते। लाइन लेंग्थ पर ध्यान दो, बहुत नो बाॅल फेंक रहे। बीच में कुछ ओवर
हार्दिक पटेल से भी डलवा लिया करो....!Friday, October 23, 2015
अमित शाह से मैच जीतना मुश्किल ही नहीं, नामूमकिन है
राइट आर्म, ओवर द विकेट... घिंसी, पिटी वही पुरानी गेंद लेकर कप्तान अमित शाह
बालिंग ट्रैक पर तैयार। उधर क्रिज पर अकेले मजबूती के साथ डटे पड़े हैं
खतरनाक बल्लेबाज अल्लाह। फील्डिंग में मैदान के चारों ओर चौकन्ने खड़े 33
करोड़ देवी देवता खिलाड़ी। काफी रोमांचक मुकाबला। बल्लेबाज तैयार, अमित शाह
ने बल्लेबाज की आंखों में आंख मिलाकर तिरछी नजर से कौंधियाते हुए कुछ
इशारा किया। तेज कदमों के साथ गेंद फेंकने के लिए दौड़े अमित शाह, बल्लेबाज
अल्लाह हांफते हुए लेकिन काफ़ी मुस्तैद। और ये क्या, 180 की स्पीड
से फेंकी गेंद सीधे विकेट से जा टकराई। चौंधिया गए बल्लेबाज अल्लाह, शायद
वे शाह की गति भांप नहीं पाए, उन्हें गेंद दिखी नहीं। 33 लाख फील्डरों में
जोश, उत्साह.. हर हर मोदी से गूंज रहा पूरा स्टेडियम। जबरदस्त
वापसी। औरररररररर ये क्या, अचानक सब खामोश, 33 लाख खिलाड़ियों का खुला मुंह
और सर पर रखा हाथ। अंपायर(प्रणव मुखर्जी) ने कंधे के बल हाथ उठाकर किया नो
बाॅल का इशारा। खामोशी देख ऐसा लग रहा दो दिन से भूखे के मुंह से रोटी का
निवाला छीन लिया गया हो। अंपायर के निर्णय से लाल हो गए हैं मनोहर लाल
खट्टर। और ये क्या बल्लेबाज को गरियाते हुए जोशीले मनोहर। उधर खिलाड़ी
संगीत सोम और साक्षी महाराज ने भी खोया आपा। बल्लेबाज को जबरदस्ती घर वापसी
पैवेलियन की ओर जाने का इशारा करते हुए साक्षी और सोम। कुछ देर के लिए रोक
दिया गया है मैच। अंपायर ने अमित टीम को सख्त चेतावनी दी। ठंडा पानी और
कुरकुरे, साथ में मेंटोस भी लेकर खिलाड़ियों से मिलने खुद कोच मोहन भागवत
मैदान में पहुंच गए हैं। अमित शाह ने मनोहर, साक्षी और सोम को बुलाकर कुछ
समझाया साथ में हर हर मोदी का नारा सुनाकर हौसला बढ़ाया। साथी कमेंटेटर से
पूछते हैं, सुमित चौहान, आपको क्या लगता है, अमित शाह ने तीनों को क्या समझाया होगा? देखिए मुकेश,
काफी गरमा गरम मैच चल रहा है, इन सभी खिलाड़ियों ने विराट कोहली से काफी
कुछ सीखा है। कप्तान अमित शाह ने समझाया होगा कि पगले खुले आम ऐसे नहीं
लड़ते। अंपायर खड़े हैं यहां। बड़ी मुश्किल से क्लीन चिट मिलता है। वैसे भी
थर्ड अंपायर(सुप्रीम कोर्ट) के फैसले हमारे खिलाफ ही आ रहे हैं। तो थोड़ा
धैर्य से और हां ये लो मेंटोस खाओ और दिमाग की बत्ती जलाओ। मुख्य अतिथि
वाले बाॅक्स में बैठे जूनियर कोच नरेंद्र मोदी सारा वाकया देखकर मंद-मंद
मुस्कुराते हुए। और ठीक उनके दो सीट के पीछे बैठे 1992 विश्वकप विजेता टीम
के कप्तान लालकृष्ण आडवाणी जी मोदी की मुस्कान देखकर कुछ बड़बड़ाते हुए।
मोदी ने पानी और बाबा रामदेव की मैगी के साथ एक कागज की पुड़िया भी योगी
आदित्यनाथ के हाथों अमित शाह तक पहुंचाया। शाह ने पानी पी, मैगी खाया और
पुड़िया खोला... लिखा है, छोटे चुनाव चल रहा है न अभी, इतनी तेज गेंद नहीं
फेंकते। लाइन लेंग्थ पर ध्यान दो, बहुत नो बाॅल फेंक रहे। बीच में कुछ ओवर
हार्दिक पटेल से भी डलवा लिया करो....!
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